बमीठा क्षेत्र की बन्ने नदी के उफान पर आने से नदी तटीय क्षेत्र में मौजूद सैकड़ों किसानों की फसलें नष्ट हो गईं वहीं झमटुली गांव का श्री रामघाट धाम मंदिर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बन्ने नदी के आसपास के किनारे पर बसे ग्राम झमटुली, पुतरयान, हरपुरा, ओंटापुरवा, कटारा, चौका, कोंडऩ, सलैया और रमपुरा में किसानों की फसलें पानी के तेज बहाव में बह गईं। किसान गंगा प्रसाद पटेल, काशीराम, और नंदकिशोर ने बताया कि फसलों में लगाई गई लागत डूब गई, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से राहत राशि की मांग की है। झमटुली में धार्मिक आस्था का केंद्र श्री रामघाट धाम मंदिर भी बाढ़ की चपेट में आ गया। मंदिर की बाउंड्रीवाल तीनों तरफ से बह गई, और अंदर के पेड़ व मंदिर का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। बन्ने नदी का पुल दोनों तरफ से टूटने के कारण देवगांव से देवरा का मुख्य मार्ग बंद हो गया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। ग्राम झमटुली के सरपंच प्रतिनिधि राजू पटेल ने सांसद और विधायक से मंदिर के पुनर्निर्माण और किसानों के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।









