छतरपुर। पन्ना रोड स्थित एनटीपीसी कार्यालय के बाहर सांदनी गांव के किसानों ने गुरुवार को जमकर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि एनटीपीसी द्वारा उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन अब तक न तो उचित मुआवजा दिया गया और न ही किए गए वादों को पूरा किया गया है। नाराज किसानों ने कार्यालय के बाहर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले एनटीपीसी प्रबंधन ने कई वादे किए थे। हर परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी देने, प्रति एकड़ 5 लाख रुपये बोनस देने और पुनर्वास की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, आज तक कोई वादा पूरा नहीं हुआ।
रिश्वतखोरी और अधिकारियों पर पक्षपात का भी आरोप
किसानों ने सुपरवाइजर बेटा लाल पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह खुलेआम ग्रामीणों को धमकाता है और कहता है कि जब तक रुपये नहीं दोगे, मुआवजा नहीं मिलेगा। पुण्यप्रताप सिंह बांदनी ने कहा, अधिकारियों ने वादा किया था कि एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी, लेकिन नौकरी तो अपनों को दी गई और हमसे मुंह मोड़ लिया गया।
वीडियो बनाते रहे सुरक्षाकर्मी, नहीं सुनी गई समस्या
किसानों ने आरोप लगाया कि कार्यालय में तैनात सुरक्षा कर्मी लगातार वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी बात सुनने की कोशिश तक नहीं की। इसके बाद किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और तत्काल समाधान की मांग की।
14 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े ग्रामीण
धरने पर बैठे खरगी अहिरवार ने कहा कि, हमारी 14 मांगें हैं, लेकिन एनटीपीसी प्रबंधन ने एक भी नहीं मानी। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने मांग की कि एनटीपीसी के जीएम विजयवर्गीय सामने आएं और स्वयं किसानों की समस्याएं सुनें। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे सुपरवाइजर को तत्काल हटाने की मांग की।
इनका कहना-
मेरे ऊपर जो आरोप लगा रहे हैं किसी के पास कोई सबूत हो तो बताएं। चैक बांटने का अधिकार डीजीएम के पास है। मैं सिक्योरिटी इंचार्ज हूं। अब मैंने जेसीबी चलाई है जिनका-जिनका पैसा बाकी उनकी कार्रवाही चल रही है हो सकता है 15-20 दिन में उनका रजिस्ट्री खर्चा आ जाएगा। अधिकारी अभी मीटिंग में गए हैं कब आएंगे इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
बेटलाल तिवारी, सुपरवाईजर, एनटीपीसी, छतरपुर










