रपुर। राजनगर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सलैया के ग्राम डुंगरिया में संतोषी माता तेजस्वनी महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष और सचिव पर लाखों रुपये के गबन का आरोप लगा है। समूह की सदस्यों ने गौशाला संचालन के नाम पर धांधली का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन सौंपा है।
समूह की सदस्य भागवती ने बताया कि समूह के पास एक गौशाला है, लेकिन अध्यक्ष और सचिव पैसे निकालकर हड़प रही हैं। उनके अनुसार, सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं लिए जाते और न ही कोई जानकारी साझा की जाती। पिछले करीब एक साल में लाखों रुपये निकाले जा चुके हैं। महिला सदस्यों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि समूह के धन का दुरुपयोग रोका जा सके और गौशाला का संचालन पारदर्शी हो।
बड़ामलहरा की महिलाओं ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप
वहीं दूसरी ओर बड़ामलहरा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूरजपुरा कला में मां शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भी अपने समूह की अध्यक्ष, सचिव, बैंक सखी और बैंक मैनेजर पर मिलीभगत कर 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय में शिकायती आवेदन देकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। मां शारदा स्व-सहायता समूह की सदस्य गनेश राजा बुंदेला, अन्नू साहू और उत्तरा कुशवाहा ने बताया कि समूह की अध्यक्ष अनीता खंगार, सचिव भूमानी बाई खंगार, बैंक सखी रानी यादव और मध्यांचल ग्रामीण बैंक, बड़ामलहरा शाखा के मैनेजर ने साठगांठ कर फर्जी प्रस्ताव और हस्ताक्षर के जरिए समूह के खाते से 6 लाख रुपये निकाल लिए। इसके अलावा, समूह की मृत सदस्य ललिती साहू के फर्जी हस्ताक्षर कर रुपये निकालने का आरोप उनके बेटे ने लगाया। दस सदस्यों वाले इस समूह की महिलाओं का कहना है कि उन्हें इस निकासी की कोई जानकारी नहीं दी गई और उनके हस्ताक्षर भी नहीं लिए गए। महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर डीपीआईपी के तहत संचालित स्व-सहायता समूहों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।









