
छतरपुर। श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर ईकाई एक (पुरुष वर्ग) का ग्राम छिरावल में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. महेशचंद्र अहिरवार के निर्देशन में तथा विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई दो (महिला वर्ग) की कार्यक्रम अधिकारी वर्षा यादव के निर्देशन में लगाया गया है।पंचम दिवस 29 मार्च ईकाई एक के स्वंयसेवी छात्रों ने छिरावल में स्थित मंदिर प्रांगण की साफ सफाई की एवं गली में फैले प्लास्टिक कूड़े करकट को एकत्र कर कूड़ेदान में फेंक कर ग्राम वासियों को प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध हो इसके बारे में अवगत कराया बौद्धिक सत्र में इतिहास के सहा. प्राध्यापक बृजेश तिवारी एंव अंग्रेजी के सहा. प्राध्यापक हिमांशु दीक्षित उपस्थित रहे जिन्होने अपने अपने विचार रखकर शिविर में उपस्थित ग्राम वासियों एवं स्वयं सेवी विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दीं। वहीं विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शिविर इकाई दो में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया जिसमें बौद्धिक सत्र में समाज सेवी संतोष गंगेले ने शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए नियमित व्यायाम करने पोषक आहार लेने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।चतुर्थ दिवस 28 मार्च को इकाई एक ने ग्राम छिरावल में जन जागरूकता रैली निकालकर ग्राम वासियों को मतदान शिक्षा एवं स्वस्थ्य के बारे में समझाया तथा बौद्धिक सत्र में डॉ.बृज किशोर विश्वकर्मा ने बीमारियों के बारे में तथा उन बीमारियों का निदान कैसे हो इसके बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा वर्तमान समय में हो रही वायरल बीमारियों जैसे- सर्दी, जुकाम, फीवर आदि को भी विस्तार पूर्वक समझा गया है। वही इकाई दो ने विश्वविद्यालय परिसर में पक्षियों को पीने के लिए पानी की व्यवस्था हेतु सकोरा अभियान के अंतर्गत पेड़ो पर सकोरा बांधे गए। बौद्धिक सत्र में राजनीति विज्ञान की सहा. प्राध्यापक डॉ. वंदना तिवारी ने जल संरक्षण पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जल ही जीवन है और हम सभी को व्यर्थ में जल बर्बाद नहीं करना चाहिए मिलकर जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए यह निश्चित करें कि जितना जरूरत हो उतना ही जल का उपयोग करे।तृतीय दिवस 27 मार्च इकाई एक ने ग्राम छिरावल मे श्रमदान के रूप में तालाब का गहरीकरण एवं धार्मिक स्थलो की साफ सफाई की गई एवं बौद्धिक सत्र में राजनीति विज्ञान के सह. प्राध्यापक डॉ.विजय चतुर्वेदी ने स्वयं सेवकों तथा ग्रामवासियों को अपने विचारों के माध्यम से युवाओं को आगे बढऩे की बात कहते हुए बताया कि युवाओं को अध्यात्म के प्राचीन तौर तरीकों जैसे योगा और ध्यान को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। वही ईकाई दो के स्वंयसेवी छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता रैली निकाली गई तथा वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर अदिति त्रिपाठी और अनुज द्विवेदी उपस्थित रहें। बौद्धिक सत्र में हिंदी की सहा. प्राध्यापक वंदना शुक्ला ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखें और बताया कि हमें अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ रखना चाहिए जिससे पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों ईकाई के सभी स्वयं सेवी मनोयोग से अपने कार्य का निर्ववाहन कर रहे है और स्वास्थ्य भारत स्वच्छ भारत की संकल्पना को चरितार्थ करने का सफल प्रयास कर रहें है।









