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ब्रेनस्टॉर्मिंग विषय पर व्याख्यानमाला का हुआ आयोजन

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छतरपुर। श्री कृष्णा विश्वविद्यालय में ब्रेनस्टॉर्मिंग विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया जिसके मुख्य वक्ता एंव मुख्य अतिथि इस्कॉन एंव अवंती स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, उज्जैन के बोर्ड मेम्बर व्रजेंद्र कृष्ण दास रहें। कार्यक्रम के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम, विशिष्ट अतिथि कुलगुरू डॉ. अनिल धगट, प्रभारी कुलसचिव डॉ. अमित जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंचासीन अतिथियों ने सर्वप्रथम माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बृजेंद्र सिंह गौतम ने मुख्य अतिथि आदरणीय व्रजेंद्र कृष्ण दास का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।मुख्य अतिथि व्रजेंद्र कृष्ण दास ने अपने वक्तव्य में कहा कि बुद्धिशीलता तकनीक, किसी खास विषय पर विचार-मंथन करने का तरीका है, इसे ब्रेनस्टॉर्मिंग भी कहा जाता है यह एक रचनात्मक तकनीक है जिससे नए विचारों का जन्म होता है कर्म योग का ज्ञान देते हुये उन्होने कहा कि आधुनिक युग में भगवत गीता का ज्ञान व्यक्तियों को कर्म करने की प्रेरणा देता हैं। गीता के दार्शानिक सिद्धांत के व्यावहारिक पक्ष में कर्मयोग की उपासना की गई हैं। भगवत गीता ज्ञानयोग, कर्मयोग तथा भक्तियोग का सुंदर मिश्रित समन्वय हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. बृजेन्द्र सिंह गौतम ने कहा कि अज्ञान का अन्त करने के लिए ज्ञान अनिवार्य है। ज्ञान दो प्रकार का है-तार्किक ज्ञान, आध्यात्मिक ज्ञान। तार्किक ज्ञान में वस्तुओं के ब्रह्म स्वरूप की चर्चा की जाती है। आध्यात्मिक ज्ञान वस्तुओं के वास्तविक स्वरूप की चर्चा करता है। ज्ञान से कर्मों की अपवित्रता का नाश होता है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि जो ज्ञाता है, वह हमारे सभी भक्तों में श्रेष्ठ है।कार्यक्रम के समापन पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष सौरभ चौरसिया द्वारा अतिथियों को भगवत गीता सप्रेम भेंट की गई। इस कार्यक्रम में राकेश लोहिया (जॉइंट सेक्रेटरी) चन्द्रशेखर तिवारी (जनपद अध्यक्ष) नीरज चौरसिया, मुकेश सोनी, डॉ विवेक रूसिया तथा विश्वविद्यालय के समस्त विभागों के प्राध्यापकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधन विभाग सहायक प्राध्यापक सुमेधा राय ने एवं आभार विधि विभाग के सहायक प्राध्यापक माधव शरण पाठक ने व्यक्त किया।

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