टीकमगढ़। प्रदीप खरे। शहर ही नहीं जिला या यूं कहें कि समूचे बुंदलखंड के विकास की चिंता करने वाले पत्रकारिता के भीष्म पितामह कहे जाने वाले दादा राजेन्द्र अध्वर्यु के निधन से पत्रकारिता में जो रिक्तता आई है, उसे पूरा कर पाना संभव नहीं है। समय समय पर जिले की समस्याओं पर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान अपेक्षित कर विकास की प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इबारत लिखने वाले राजेन्द्र अध्वर्यु के निधन शहर में शोक की लहर छा गई। यहां मुक्ति धाम पर हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर दादा राजेन्द्र अध्वर्यु को नम आंखों से अतिम विदाई दी। बताया गया है कि आज तडक़े पत्रकार राजेन्द्र अध्वर्यु दुनिया को अलविदा कह गए। उनका इस तरह अचानक जाना पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ा गया। सन्नपात सा छा गया। पत्रकारों के कंधे से कंधा मिलाकर हमेशा खड़े रहने वाले अपने दादा के निधन की खबर ने पत्रकारों में मातम सा छा दिया। वह जिले इतिहास और भूगोल के जानकार तो थे ही, इसके साथ ही कुशल राजनैतिज्ञ एवं समाजसेवी भी रहे। उन्होंने हमेशा ही विकास और जनहित को लेकर अपनी बात रखी। दादा श्री अध्वर्यु जी की स्मृतियों को भुला पाना संभव नहीं लगता। जिले के पत्रकारिता जगत के स्तंभ, प्रखर विचारक और वरिष्ठ पत्रकार दादा राजेंद्र अध्वर्यु का आज ब्रह्म मुहूर्त में निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही जिले सहित पूरे प्रदेश के पत्रकारिता जगत और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके जाने को जिले के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। दादा अध्वर्यु का सानिध्य हमेशा पत्रकारों को निरंतर मिला। वह एक मार्गदर्शक, गुरु, बड़े भाई जैसे पत्रकारों के साथ रहे। एक साथ इतने रिश्तों को निभाना भी सामान्य तो नहीं कहा जा सकता।
सेवा में जीवन लगा दिया-
दादा राजेंद्र अध्वर्यु ने जीवन भर अपनी निष्पक्ष लेखनी, प्रखर विचारों और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने न केवल पत्रकारिता के उच्च मानदंडों को स्थापित किया, बल्कि नए पत्रकारों के लिए हमेशा एक कुशल मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की भूमिका भी निभाई। उनका स्नेहिल व्यक्तित्व और मार्गदर्शन क्षेत्र के हर वर्ग को मिलता रहा। उनके विचार, जीवन मूल्य और पत्रकारिता के प्रति उनका समर्पण हमेशा आने वाली पीढिय़ों का पथ प्रदर्शन करता रहेगा।
शोक सभा में रखा दो मिनिट का मौन-
मुक्ति धाम पर अंतिम विदाई के साथ ही लोगों ने शोक सभा का आयोजन कर दो मिनिट का मौन रखा और उनके कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। लोगों ने श्री अध्वर्यु को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करनें एवं शोकाकुल परिवार, आत्मीयजनों तथा उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस असहनीय और असीम दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव, पूर्व विधायक राकेश गिरी, अवधेश प्रताप सिंह राठौर प्रथ्वीपुर, सुनील भाईजी, रमेश द्विवेदी, रज्जन महाराज, अरविंद सिंह बुंदेला, शाहिद खान, मनीराम कठैल, किरण कुमार खरे, मधुकर उपाध्याय, महेन्द्र द्विवेदी, राजेन्द्र पस्तोर सहित अनेक पत्रकार, शहरवासी मौजूद रहे।










