छतरपुर। रक्षाबंधन का पावन पर्व आज श्रावण मास की पूर्णिमा को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस बार कई वर्षों बाद बन रहे शुभ संयोग के साथ भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के बंधन को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। वैदिक जानकारों के अनुसार, भद्रा का साया न होने से सुबह सूर्योदय से पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी।
पंडित सौरभ तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन के लिए इस बार विशेष शुभ संयोग बन रहा है। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:26 बजे तक रहेगी। इस दौरान श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग और वव करण का संयोग रहेगा। भद्रा का प्रभाव 8 अगस्त की रात 1:30 बजे तक समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद 9 अगस्त को सूर्योदय से राखी बांधना शुरू हो सकेगा और पूरे दिन यह कार्य किया जा सकेगा। राहुकाल सुबह 9:05 से 10:45 बजे तक रहेगा, जिसे टालने की सलाह दी गई है, जबकि दोपहर 12:00 से 12:53 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो राखी बांधने के लिए सबसे शुभ समय माना गया है। उन्होंने ने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा शुभ संयोग बना है, जिसमें कोई ग्रह दोष या भद्रा का प्रभाव नहीं है। रक्षाबंधन के साथ ही श्रावणी पर्व भी मनाया जाएगा, जिसमें यज्ञोपवीत धारण करने वालों द्वारा पूजन किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वासुदेव कुटुंबकम की भावना को दर्शाता है। इस अवसर पर सभी को संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद और वंचित लोगों की मदद और रक्षा करेंगे। यह संकल्प रक्षाबंधन के पर्व को और अधिक अर्थपूर्ण बनाएगा।









