
छतरपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस नौगांव के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय संभागीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शनिवार को सांई स्पोट्र्स मैदान में समापन हुआ। फाइनल मैच में पन्ना के मुंह से जीत छीनकर छतरपुर की टीम संभागीय चैंपियन बनी है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर छतरपुर ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। छतरपुर की पूरी टीम निर्धारित 16 ओवर पूरे नहीं खेल पाई और 15 ओवर में 133 रन बनाकर आल आउट हो गई। छतरपुर की ओर से कप्तान चंद्रशेखर ने 23, उपेन्द्र ने 18 और हृदेश ने नाबाद 21 रनों की पारी खेली। जबाब में पन्ना ने शानदार शुरुआत की तथा ओपनर हर्ष के अद्र्ध शतक की बदौलत 84 रनों पर अपना पहला विकेट खोया। इसी बीच शानदार बल्लेबाजी कर रहे विपिन पाण्डेय अपना विकेट थ्रो कर बैठे, उन्हें मनीष परमार ने आउट किया। अंतिम तीन ओवर में पन्ना को जीत के लिए महज़ 25 रनों की आवश्यकता थी, जो अंतिम दो ओवर में 18 पहुंच गई। तभी पन्ना के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हर्ष 60 रन बनाकर आउट हो गए, उन्हें चेतन ने चलता किया। इधर से मैच पूरी तरह छतरपुर की ओर झुक गया, पन्ना निर्धारित 16 ओवर में 122 रन ही बना पाई और छतरपुर 11 रनों से संभाग का सिरमौर बन गया।अतिथियों ने कहा- अनिश्चितताओं का खेल है क्रिकेटसमापन अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व कुलसचिव महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय पीके पटैरिया ने कहा कि अब न कोई छतरपुर रहा न पन्ना अब केवल एमसीबीयू की टीम है और उसे राज्य एवं विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करना है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे नौगांव कालेज प्राचार्य डॉ पीके मिश्रा ने कहा कि आज हमने देखा कि क्रिकेट अनिश्चिताओं का खेल है। और जहां जहां अनिश्चिता है वो मेरे शोध का विषय है। टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले पन्ना के हर्ष को मैंन आफ द टूर्नामेंट के अवार्ड से नवाजा गया। विजेता एवं उपविजेता टीम को ट्राफी प्रदान की गईं। इस अवसर पर डॉ अरविन्द महलोनिया संचालक प्रतिनिधि, डॉ राजीव बिल्थरे डीसीए सचिव, चयन समिति के सदस्य डॉ हिमांशु अग्रवाल, डॉ गिरजेश जुयाल, डॉ विवेक आर्य स्पोट्र्स ऑफीसर बड़ामलहरा, डॉ प्रिया बघेल स्पोट्र्स ऑफीसर महाराजपुर, डॉ वीरेंद्र सोनी स्पोट्र्स ऑफीसर कन्या महाविद्यालय छतरपुर, प्रो. कैलाश रजक, उमेश यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सभी का स्वागत स्पोट्र्स ऑपीसर हेमंत यादव ने स्मृति चिन्ह भेंट कर किया एवं आभार प्रो. कैलाश रजक ने व्यक्त किया। टूर्नामेंट का आंखों देखा हाल एवं मंच संचालन धीरज चौबे ने किया। निर्णायक की भूमिका अनिरुद्ध एवं गोविंद ने निभाई, तथा स्कोरर पियूष तिवारी रहे।








