Home डेली न्यूज़ कन्धे से कंधा मिलाकऱ रथ गृहस्थी का चलाती है नारी- ब्रह्माकुमारीज

कन्धे से कंधा मिलाकऱ रथ गृहस्थी का चलाती है नारी- ब्रह्माकुमारीज

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परिवार को संस्कारों से और खेतों को पोषण से सींचती है नारी

छतरपुर। ब्रह्माकुमारीज किशोर सागर द्वारा राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम उर्दमऊ में खेतिहर महिलाओं के सम्मान में एवं शिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष में किसान महिलाओं का सम्मान किया गया।इस अवसर पर बीके कल्पना ने ग्रामीण महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप आप वो शक्ति हैं जो अपने परिवार के साथ-साथ सारे जग को बदल सकती हैं। आप सबकी अथक सेवाओं से ही घर में समृद्धि और और थाली में पोषण मिल पाता है। आप परिवार में संस्कार और खेतों में पोषण को सींचने वाली हैं। आप जितना काम अपने घर में करती हैं उतनी ही मेहनत आप खेतों में करती हैं फिर भी मुस्कुराती हैं और आपकी यही मुस्कान अनेकों के जीवन में मुस्कान बिखेरने वाली है। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रथ गृहस्थी का आप ही चलाती हैं।इस मौके पर गांव के ही नन्हे बाल कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत किए तत्पश्चात ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा तिलक, गुलाब का फूल और ईश्वरीय साहित्य देकर सभी मातृ शक्तियों का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में बीके रजनी ने राष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में सभी को बताते हुए कहा कि आजादी के बाद देश की पहली महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू जो एक महान कवयित्री भी थी उनकी जयंती के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है।कार्यक्रम के अंत में सभी को राजयोग का अभ्यास कराया गया तत्पश्चात शिव का ध्वज फहराया गया और सर्व की सुख शांति की प्रार्थना की गई, सभी को ईश्वरीय प्रसाद दिया गया। इसी तारतम्य में गढ़ीमलहरा में धनुषधारी मंदिर के समीप महिलाएं नए भारत की ध्वज वाहक विषय पर कार्यक्रम किया गया।

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